Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 नौकरी करने पर ₹15000 तक देगी मोदी सरकार, कितनी सैलरी वालों को फायदा, जानें सबकुछ
Viksit Bharat Rozgar Yojana: बीते 15 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से कई बड़े ऐलान किए। इनमें से एक बड़ा ऐलान- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का था। उन्होंने इसे 15 अगस्त से लागू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत सरकार पहली बार नौकरी करने वाले लोगों के बैंक अकाउंट में 15000 रुपये तक ट्रांसफर करेगी।

पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये मिलेंगे
आइए जान लेते हैं कि कैसे लोगों को इस योजना का फायदा मिलेगा।जुलाई में योजना को हरी झंडीदरअसल, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक जुलाई, 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना के तहत प्राइवेट सेक्टर में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये मिलेंगे और उन्हें रोजगार देने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इस योजना का लाभ एक अगस्त, 2025 और 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू होगा।दो कैटेगरी में है योजनायोजना दो कैटेगरी में विभाजित है। कैटेगरी ‘क’ पहली बार नौकरी करने वालों पर केंद्रित है और कैटेगरी ‘ख’ नियोक्ताओं यानी कंपनियों के लिए है। कैटेगरी ‘क’ के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में रजिस्टर्ड पहली बार नौकरी करने वालों को दो किस्तों में अधिकतम 15,000 रुपये (एक माह का ईपीएफ वेतन) दिया जाएगा।
जिन कर्मचारियों की सैलरी 20, 30, 40 या 50 हजार रुपये भी होगी
कितनी सैलरी वालों को फायदाईपीएफओ में रजिस्टर्ड जिन कर्मचारियों का वेतन अधिकतम एक लाख रुपये प्रति माह है, वे इसके पात्र होंगे। मतलब ये हुआ कि जिन कर्मचारियों की सैलरी 20, 30, 40 या 50 हजार रुपये भी होगी वो भी इसके लिए पात्र होंगे। इसके अलावा 50 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक की सैलरी कैटेगरी वाले लोग भी इसके लिए पात्र हैं। पहली किस्त छह महीने की सेवा पूरी होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा व वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर दी जाएगी।कैटेगरी ख में कंपनियां
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के नियोक्ताओं के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष
कैटेगरी ‘ख’ में नियोक्ताओं यानी कंपनियों को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए (जिसका वेतन अधिकतम एक लाख रुपये प्रति माह हो और जिसने कम से कम छह महीने तक निरंतर नौकरी की हो), दो वर्षों तक प्रति माह तीन हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के नियोक्ताओं के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा। ईपीएफओ में पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (यदि कर्मचारियों की संख्या 50 से कम हो) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (यदि कर्मचारियों की संख्या 50 या अधिक हो) को लगातार छह महीने तक नियुक्त करना होगा।