PM Kisan Kist Date : 22वीं किस्त से पहले बड़ा एक्शन, UP के 19 लाख किसानों के भुगतान पर लगी रोक!
पीएम किसान 22वीं किस्त की ताजा खबर: देश के 9 करोड़ किसानों को पिछले साल नवंबर में 21वीं किस्त का पैसा भेजा गया था और अब सभी किसान किसान की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। बजट 2026 में किसानों की राशि बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब एक ऐसी खबर आई है जिसने किसानों को बड़ा झटका दिया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक में जमा होती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में किसान की 22वीं किस्त से पहले बड़ी कार्रवाई हुई है। यूपी सरकार ने किसानों की 22वीं किस्त से पहले लाखों किसानों की सहायता राशि पर रोक लगा दी है और उसका कारण भी बताया है।
एक्स (पूर्व ट्विटर में) कृषि विभाग यूपी के हैंडल से एक पोस्ट किया गया है जिसमें बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में 19,04,105 किसान परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि पर रोक लगाई गई है।
सबसे बड़ा कारण यह है कि कई किसानों के मामले में विरासत में मिली खेती या कृषि भूमि का नामांतरण सही तरीके से दर्ज नहीं हो पाता है। ऐसे मामलों में करीब 13,61,760 किसान शामिल हैं, भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं है।
दूसरा कारण यह सामने आया कि कुछ किसान एक ही भूमि पर पहले और वर्तमान भू-स्वामी के रूप में दो-दो नीतियों का लाभ ले रहे हैं। इस श्रेणी में लगभग 2,49,434 किसान ऐसे पाए गए, जिनकी किस्त रोक दी गई है।
इसके अलावा, कुछ किसान ऐसे भी हैं जिनके पास 1 फरवरी 2019 के बाद विरासत के अलावा अन्य विरासत से अतिरिक्त जमीन दी गई है। ऐसे मामलों में करीब 2,92,911 किसानों की सहायता राशि पर रोक लगाई गई है।
राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि प्रोटोकाल किस्त वर्तमान समय में नहीं आ रही है, वे भारत सरकार के पोर्टल www.pmkisan.gov.in पर ऑनलाइन अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन विकल्प के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट करें। किसान स्वयं या फिर साजिस्ता जनसेवा केंद्र की मदद से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
यदि जानकारी अद्यतन करने के बाद भी भुगतान से संबंधित समस्या बनी रहती है, तो किसानों को जिला उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी जाती है, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।
पीएम-किसान योजना
पीएम किसान भारत सरकार से 100% फंडिंग वाली एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
यह 1.12.2018 से चालू हो गया है।
योजना के तहत सभी भूमि धारक किसान परिवारों को तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000/- की आय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के लिए परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं।
राज्य सरकार और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन उन किसान परिवारों की पहचान करेगा जो योजना दिशानिर्देशों के अनुसार सहायता के लिए पात्र हैं।
धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
योजना के लिए विभिन्न बहिष्करण श्रेणियाँ हैं।